EV Charging with Solar Panel only 5 steps: सोलर पैनल से EV चार्ज करिए 5 चरण में |

EV Charging with Solar Panel से सरकार की मदद से आप काफी पैसे बचा सकते है | आज की दुनिया तेजी से इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की ओर बढ़ रही है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें, प्रदूषण और क्लाइमेट चेंज जैसी चुनौतियों के बीच इलेक्ट्रिक वाहन लोगों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं।

लेकिन EV का सबसे बड़ा सवाल है – “चार्जिंग कहाँ से होगी और बिजली का खर्च कितना आएगा?”

इस सवाल का जवाब है | EV Charging with Solar Panel। यानी आप अपने घर, ऑफिस या चार्जिंग स्टेशन पर सोलर पैनल लगाकर अपनी गाड़ी को चार्ज कर सकते हैं। इससे न सिर्फ आपका पैसा बचेगा बल्कि पर्यावरण भी स्वच्छ रहेगा।

EV Charging with Solar Panel का भविष्य |

वर्ष 2025–30 में इलेक्ट्रिक व्हीकल और Solar सबसे तेजी से बढ़ने वाले क्षेत्र है।भविष्य में संभावना है की :-

  • हर घर में Rooftop Solar + EV Charger कॉमन हो जाएगा।
  • पेट्रोल पंप की जगह Solar EV Charging Stations दिखेंगे।
  • बैटरी टेक्नोलॉजी और सोलर पैनल की कीमतें और कम होंगी।

EV Charging with Solar Panel इसका क्या मतलब है ?

EV Charging with Solar Panel का मतलब है कि सोलर पैनल से बिजली बनाकर इलेक्ट्रिक वाहन को चार्ज करना। ताकि जैविक इंधन पर निर्भरता कम कि जा सके |

  1. सोलर पैनल सूरज की रोशनी से DC बिजली बनाते हैं।
  2. इन्वर्टर DC को AC में बदल देता है।
  3. EV चार्जिंग स्टेशन उस बिजली को गाड़ी की बैटरी में स्टोर करता है |

सोलर पैनल से EV चार्ज मात्र 5 चरणों में |

EV Charging with Solar Panel से चार्ज करना काफी आसान है ,चलिए इसे 5 चरणों में विस्तार से समझते है |

1 . अपनी आवश्कतानुसार प्लानिंग करे |

आप प्रतिदिन कितने किलोमीटर गाडी से चलते हैं | उसका आकलन करे तथा प्रतिदिन आपकी गाड़ी को kwh/km चलेगी |उसी के हिसाब से पैनल, इन्वर्टर और बैटरी की क्षमता तय करें।

2. आवश्यक वस्तुए ले |

सोलर पैनल, MPPT वाला सोलर इन्वर्टर, सोलर चार्ज कंट्रोलर, AC EV Charger या DC fast-charger, बैटरी , DC isolator, MCB/RCCB, जरुरी केबल और अर्थिंग।

3. कनेक्शन चरणबद्ध अनुसार |

पैनल → DC केबल → इन्वर्टर/MPPT → यदि बैटरी है तो बैटरी बीच में → इन्वर्टर का AC आउटपुट → घर का DB/EV Charger → गाड़ी। ग्रिड-टाई सिस्टम में इन्वर्टर को मुख्य बोर्ड से जोड़ते हैं ताकि अतिरिक्त ऊर्जा ग्रिड में जाए।

4. सोलर system और Priority को सेट करे |

Enverter/EVSE में “PV-first” या सोलर-प्रायोरिटी मोड स्थापित करें ताकि पहले सोलर पैनल से चार्ज हो, फिर बैटरी और आख़िर में ग्रिड इस्तेमाल हो। अगर EVSE स्मार्ट है तो पैनल-प्रोडक्शन के हिसाब से डायनामिक चार्जिंग ऑन करना होगा | नहीं तो दिन के धूप के घंटों में समय को देखते हुए चार्ज करें।

5 .जाँच,लगातार नज़र और सुरक्षा |

पहले low पावर जाँच करें, वोल्टेज/करंट नज़र रखे | MCB/RCCB और अर्थिंग ठीक हैं यह कन्फर्म करें। नियमित मेंटेनेंस और मॉनिटरिंग ऐप/एनर्जी-मीटर रखें। और सबसे महत्वपूर्ण — हाई-वोल्टेज इंस्टॉलेशन के लिए हमेशा लाइसेंसधारी इलेक्ट्रिशियन/सोलर इंस्टॉलर से ही काम कराएँ और लोकल नियमों/नेट-मीटरिंग नियमों का पालन करें।

EV चार्जिंग के लिए कितने kw का सोलर पैनल चाहिए?

EV charge with solar panel

नोट :- यदि आपके पास घर पर EV है, तो कम से कम 5kW – 10kW सोलर पैनल सिस्टम लगाना बेहतर होता है |

EV Charging with Solar Panel के फायदे |

1. Eco – Friendly उर्जा |

सोलर से चार्जिंग करने पर कार्बन उत्सर्जन (CO₂ emission) लगभग शून्य हो जाता है। यह प्रदूषण कम करने का सबसे अच्छा तरीका है।

2. बिजली बिल में भारी बचत |

EV चार्जिंग में सबसे ज्यादा खर्च बिजली का होता है। लेकिन सोलर से चार्जिंग करने पर आपका 90% तक बिजली बिल बच सकता है।

3. बिजली के उपयोग में स्वतंत्रता |

आपको ग्रिड बिजली पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यहां तक कि बिजली कटौती के समय भी आप EV चार्ज कर सकते हैं।

4. लंबे समय तक निवेश |

एक बार सोलर पैनल लगाने के बाद 25 साल तक बिजली लगभग फ्री मिलती है।

5. EV और सोलर – भविष्य का समाधान |

EV और Solar दोनों ही तेजी से बढ़ते सेक्टर हैं। जब दोनों मिलते हैं तो यह renewable energy और फायदेमंद यातायात का सबसे अच्छा तरीका बन जाता है।


EV Charging with Solar Panel के नुकसान |

इस तकनीक में भी कई चुनौतिया है जिसमे से मुख्य है :-

  1. शुरुआती निवेश (Initial Cost) ज्यादा होता है।
  2. ज्यादा जगह (Space) की जरूरत पड़ती है।
  3. धूप कम होने वाले क्षेत्रों में परफॉर्मेंस घट सकती है।
  4. बैटरी स्टोरेज की कीमत अभी भी ऊँची है।

EV Charging with Solar Panel के लिए Solar Setup कैसे बनाएं ?

1. सही सोलर पैनल चुनें |

  • Mono PERC सोलर पैनल – हाई एफिशिएंसी
  • Bifacial सोलर पैनल – दोनों तरफ से बिजली बनाते हैं

2. सोलर इन्वर्टर लगाएं |

  • Hybrid Inverter EV चार्जिंग के लिए सबसे अच्छा है।
  • यह सोलर, बैटरी और ग्रिड तीनों को मैनेज करता है।

3. बैटरी स्टोरेज का इस्तेमाल करें |

  • रात में EV चार्ज करने के लिए Lithium-ion Battery सबसे बेस्ट है।

4. EV चार्जर इंस्टॉल करें |

  • आप Normal या Fast EV Charger लगा सकते हैं।
  • DC Fast Charger 1–2 घंटे में गाड़ी को फुल चार्ज कर देता है।

भारत में EV चार्जिंग के लिए सोलर पैनल की लागत |

नोट :- सरकार से सब्सिडी मिलने पर यह लागत 20% – 40% तक कम हो सकती है।


सरकार द्वारा सब्सिडी और योजनाएँ |

भारत सरकार EV और Solar दोनों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाये तथा सब्सिडी का लाभ दे रही है |जिस योजना का लाभ कैसे मिलेगा उस पर क्लिक करके जानकारी प्राप्त कर सकते है |


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल ?

Q1. क्या EV को पूरी तरह सोलर पैनल से चार्ज किया जा सकता है?
हाँ, अगर आपके पास पर्याप्त सोलर क्षमता (5–10kW) और बैटरी स्टोरेज है तो EV पूरी तरह सोलर से चार्ज हो सकती है।

Q2. EV को चार्ज करने के लिए कितने यूनिट बिजली लगती है?

1 kWh बैटरी चार्ज करने के लिए लगभग 1 यूनिट बिजली लगती है। अगर EV की बैटरी 30 kWh है तो 30 यूनिट बिजली चाहिए।

Q3. क्या EV चार्जिंग स्टेशन घर पर बनाया जा सकता है?
हाँ, आप Rooftop Solar + Home EV Charger इंस्टॉल कर सकते हैं।

Q4. EV चार्जिंग के लिए Solar Panel की कीमत कितनी होती है?
भारत में 5kW Solar System की लागत सब्सिडी के बाद ₹2–2.5 लाख के बीच आती है।

Q5. क्या रात में भी EV चार्ज हो सकती है?
हाँ, अगर आपके पास Solar Battery Storage है तो रात में भी EV चार्ज की जा सकती है।


निष्कर्ष :-

EV Charging with Solar Panel आने वाले समय की सबसे बड़ी जरूरत है। यह न सिर्फ आपकी जेब पर हल्का है बल्कि पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है। शुरुआती लागत थोड़ी ज्यादा जरूर है, लेकिन 4–5 साल में ही इसका खर्च निकल जाता है | और उसके बाद लगभग 25 साल तक फ्री बिजली से आप अपनी EV चला सकते हैं। और साथ ही देश के विकाश में योगदान भी दे सकते है |

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