इनोवेटिव प्रोजेक्ट प्रतियोगिता सरकार देगी विजेता को 1 करोड़ की धनराशि गारंटी | सरकार की नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने सोलर उर्जा को बढावा देने के लिए इनोवेटिव प्रोजेक्ट की प्रतियोगिता को लॉन्च किया है | मंत्रालय द्वारा इनोवेटिव प्रोजेक्ट को तय समय में पूरा करने के लिए चरणबद्ध अनुसार पैसो की सहायता और समर्थन भी मिलेगा | इनोवेटिव प्रोजेक्ट प्रतियोगिता का मकसद है कि नई सौर तकनीकों और उनके प्रयोग को प्रोत्साहित किया जाए जिससे यह तकनीक आम लोगों और उद्योगों में अपनाई जा सके। इसमें 1st विजेता को 1 करोड़ , 2nd को 50 लाख तथा 3rd को 30लाख की धनराशी तो मिलेगी ही साथ ही विजेताओं को छोड़कर 10 प्रतिभागियों को 5 लाख रुपए दिए जायेंगे | इस प्रतियोगिता में भाग लेने की अंतिम तारीख 20अगस्त 2025 है |
इनोवेटिव प्रोजेक्ट प्रतियोगिता यह किस प्रकार की प्रतियोगिता है |
इनोवेटिव प्रोजेक्ट प्रतियोगिता मंत्रालय द्वारा सोलर उर्जा को बढावा देने और घरो की छतो पर लगने वाली सोलर और ग्रिड तथा सोलर system की उपोगिता को अधिक सक्षम और सरल बनाने के लिए इनोवेटिव प्रोजेक्ट बनाने की प्रतियोगिता है | इसमें ऐसी कोई भी नई और उन्नत तकनीक जो रूफटॉप सोलर के विकास और अपनाने को बढ़ावा दे।जिसमे लोग या संस्था अपनी प्रतिभा दिखाकर देश की तरकी में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते है| और विजेता को भारी धनराशि जितने का मौका भी मिलेगा |
मुख्य बिंदु :
- इनोवेटिव प्रोजेक्ट प्रतियोगिता के उद्देश्य क्या है ?
- .इनोवेटिव प्रोजेक्ट प्रतियोगिता में कौन भाग ले सकता है ?
- किस क्षेत्र में इनोवेटिव प्रोजेक्ट बनाये जाने है ?
- इनोवेटिव प्रोजेक्ट बनाने की समय सीमा क्या होंगी ?
- इनोवेटिव प्रोजेक्ट निरीक्षण किस आधार पर होंगे ?
- इनोवेटिव प्रोजेक्ट का निरीक्षण कौन करेगा और कब होगा ?
- सरकार की तरफ से इनोवेटिव प्रोजेक्ट के लिए वित्तीय सहायता कैसी होंगी ?
- आवेदन जमा चरणबद्ध अनुसार |
- इनोवेटिव प्रोजेक्ट से संबंधित महत्वपूर्ण नियम |
- सरकार के नियम न मानने पर प्रोजेक्ट का बंद होना |
1. इनोवेटिव प्रोजेक्ट प्रतियोगिता के उद्देश्य क्या है ?
इस योजना का मकसद घरों की छतों पर ज्यादा से ज्यादा सोलर पैनल लगाए जाएँ ताकि लोग खुद बिजली बना सकें और पर्यावरण के लिए फायदेमंद हों और ग्रीन ऊर्जा का उपयोग बढ़े।
इनोवेटिव प्रोजेक्ट प्रतियोगिताओं में जो भी संगठन, संस्था या व्यक्ति हिस्सा लेना चाहते हैं | उनके प्रस्ताव या आवेदन निम्नलिखित उद्देश्यों से संबंधित होने चाहिए |
- सोलर पैनल लगाने के नई तकनीकी तरीके और व्यवसाय मॉडल सुझाना।
- सोलर तकनीक पर नई खोजें और उनके प्रयोग करना।
- पायलट प्रोजेक्ट प्रयोग करना यानी बने प्रोजेक्ट को छोटे स्केल में परखा जाएगा |
- घरों और कंपनियों के लिए सौर ऊर्जा के नई तकनीक पर उपयोग के रास्ते खोजना।
- बिजली कंपनियों (DISCOMs) के लिए नई तकनीकें और प्रबंधन टूल्स बनाना ताकि वे सौर ऊर्जा को अपने नेटवर्क में सही तरीके से मिला सकें।
- नई-नई तकनीकियों को असली ज़िंदगी में इस्तेमाल करके दिखाना (जैसे घर की छत पर लगाए गए सोलर सिस्टम में नई तकनीक का प्रयोग करना)।
2.इनोवेटिव प्रोजेक्ट प्रतियोगिता में कौन भाग ले सकता है?
- शोध और शैक्षणिक संस्थान (जैसे इंजीनियरिंग कॉलेज – सरकारी और प्राइवेट, जो सरकारी निकायों द्वारा मान्यता प्राप्त हों)
- सरकारी या प्राइवेट इंडस्ट्रीज (उद्योग)
- सोसाइटीज (जो सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम 1860 के अंतर्गत पंजीकृत हों)
- ट्रस्ट (जो भारतीय ट्रस्ट अधिनियम 1882 के तहत पंजीकृत हों)
- गैर-सरकारी संगठन (NGOs) और छात्र
- स्टार्टअप्स (चाहे रजिस्टर्ड हों या केवल DPIIT द्वारा मान्यता प्राप्त हों)
- ऐसे संगठन जो नई और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में रिसर्च कर रहे हैं |
3. किस क्षेत्र में इनोवेटिव प्रोजेक्ट बनाये जाने है ?
इनोवेटिव प्रोजेक्ट प्रतियोगिता के मुख्य केंद्रित क्षेत्र जिसमे सभी उम्मीदवार को प्रोजेक्ट बनाने है जिसमे यह देखा जा सके कि ये तकनीकें बड़े स्तर पर काम कर सकती हैं या नहीं |
इनोवेटिव प्रोजेक्ट प्रतियोगिता के मुख्य केंद्रित क्षेत्र :
- कम लागत में RTS लगाना
- सस्ती सामग्री, तरीके और इंस्टॉलेशन की तकनीकें खोजनी जो RTS को बड़े पैमाने पर लगाना आसान बनाएँ।
- शहरी योजना में सोलर को शामिल करना
- शहरों की प्लानिंग और ज़ोनिंग नियमों में रूफटॉप सोलर को पहले से ही शामिल करने की रणनीतियाँ।
- उद्योग और वाणिज्यिक (Commercial) क्षेत्र के लिए सोलर समाधान
- कारखानों और दुकानों के लिए उनकी जरूरतों के अनुसार खास सोलर सिस्टम डिजाइन करना।
- आपदा-प्रतिरोधी सोलर सिस्टम
- भूकंप, बाढ़ आदि जैसी आपदा-प्रवण जगहों पर मजबूत और भरोसेमंद सोलर सिस्टम लगाना।
- शहरी हाउसिंग में साझा सोलर मॉडल
- फ्लैट या सोसाइटी जैसी जगहों में साझा छतों पर सोलर सिस्टम लगाने के नवाचारी तरीके।
- थर्मल एनर्जी स्टोरेज के साथ सोलर सिस्टम
- रूफटॉप सोलर को गर्मी भंडारण तकनीक (thermal storage) के साथ जोड़कर ऊर्जा का अधिक कुशल उपयोग करना।
- स्मार्ट ग्रिड के साथ सोलर सिस्टम का मेल
- ऐसी तकनीक जो सोलर सिस्टम को आधुनिक बिजली ग्रिड से बेहतर ढंग से जोड़े |

ऐसी कोई भी नई और उन्नत तकनीक जो रूफटॉप सोलर या सोलर उर्जा के विकास और बड़े पैमाने में अपनाने को बढ़ावा दे।
इसलिए भारत सरकार बड़े पैमाने में सभी घरो के लिए सोलर सब्सिडी दे रही है | ताकि Green Energy को बढावा मिले | सोलर सब्सिडी की अधिक जानकारी के लिए सोलर सब्सिडी पर क्लिक करे |
4. इनोवेटिव प्रोजेक्ट की समय सीमा क्या होंगी ?
प्रोजेक्ट की अवधि (Project Duration):
- इनोवेटिव प्रोजेक्ट बनाने की अधिकतम अवधि 18 महीने होगी।
- परियोजना की शुरुआत की तारीख उस दिन से मानी जाएगी जिस दिन Award Letter (मंज़ूरी पत्र) जारी होगा।
- मंज़ूरी पत्र प्राप्ति के बाद इनोवेटिव प्रोजेक्ट की शुरुआत उसी दिन मानी जाएगी जब अनुदान की राशि (ECS/चेक/ड्राफ्ट) संस्था को मिलेगी, या अधिकतम एक महीने के भीतर।
इस तारीख की जानकारी संस्था या प्रमुख अनुसंधानकर्ता (PI) को मंत्रालय को देनी होगी। - आवश्यकता पड़ने पर चयन समिति (Selection Committee) इस अवधि को घटाने या बढ़ाने का फैसला कर सकती है।

5. इनोवेटिव प्रोजेक्ट निरीक्षण किस आधार पर होंगे ?
NISE और MNRE के अधिकारी, विशेषज्ञ या कमेटी समय-समय पर संस्था में आकर इनोवेटिव प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा कर सकते हैं।
मूल्यांकन के आधार (Evaluation Criteria):
प्रस्ताव या आवेदन को निम्नलिखित बिंदुओं के आधार पर परखा जाएगा :
- प्रस्ताव समझदारी से बनाया गया हो, सस्ता और पूरा हो।
- प्रोजेक्ट का विचार नया और अनोखा होना चाहिए — जो अभी की तकनीकों से काफी बेहतर या अलग हो।
- प्रस्ताव में स्पष्ट उद्देश्य, कार्य योजना, तरीका और परिणाम अच्छी तरह से लिखे हों।
- विचार नया हो, लेकिन वह हकीकत में लागू भी किया जा सके — संसाधनों और तकनीक के अनुसार।
- परियोजना से आम जनता और समाज को सीधा फायदा होना चाहिए।
- प्रस्ताव देने वाले संगठन के पास संसाधन, तकनीक और पहले का अनुभव होना चाहिए।
- DISCOM (बिजली वितरण कंपनी) या संबंधित रेगुलेटरी संस्था का सहयोग हो।
- कोई भी तकनीक इस्तेमाल की जा सकती है, लेकिन कौन-सी तकनीक प्रयोग में ली जा रही है, ये स्पष्ट लिखा हो।
- जो तकनीक प्रस्ताव में दी गई है, उसकी तैयारी और व्यावहारिक स्थिति क्या है, उसे भी देखा जाएगा।
6. इनोवेटिव प्रोजेक्ट का निरीक्षण कौन करेगा और कब होगा?
निगरानी (Monitoring)
इस इनोवेटिव प्रोजेक्ट की निगरानी नियमित रूप से मिशन निदेशालय (Mission Directorate) द्वारा की जाएगी। इनोवेटिव प्रोजेक्ट हिस्से को लागू करने की जिम्मेदारी नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर सोलर एनर्जी (NISE) की होगी।
NISE यह सुनिश्चित करेगा कि:
- प्रोजेक्ट की प्रगति की समय-समय पर समीक्षा हो
- फंड का सही उपयोग हो
- समय सीमा के भीतर कार्य पूरा हो
- खर्च की रिपोर्ट की जांच हो
- हर चरण के बाद फंड जारी करने का निर्णय समीक्षा के आधार पर हो
इनोवेटिव प्रोजेक्ट के दिशा-निर्देशों में संशोधन :
MNRE (नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय) इस योजना के दिशा-निर्देशों में ज़रूरत के अनुसार बदलाव कर सकता है ताकि योजना को अच्छे से लागू किया जा सके।
यह बदलाव माननीय मंत्री, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की स्वीकृति से किए जाएंगे।
* संपर्क विवरण (Contact Details)
डॉ. कमलेश यादव
उप निदेशक (तकनीकी)
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी (NISE)
गुरुग्राम, हरियाणा – 122003
- ईमेल: ipc@nise.res.in
- फोन: 0124-2853013
अगर किसी प्रकार का विवाद होता है, तो MNRE के सचिव (Secretary, Ministry of New and Renewable Energy) का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी माना जाएगा।
7. सरकार की तरफ से वित्तीय सहायता कैसी होंगी |
अनुदान (Grant) की अधिकतम सीमा:
- सरकार की तरफ से अधिकतम 60% लागत या ₹30 करोड़, जो भी कम हो, तक की मदद दी जाएगी।
- चयन समिति चाहे तो इससे कम अनुदान भी तय कर सकती है।
- प्रोजेक्ट की न्यूनतम लागत कितनी होनी चाहिए, इसका फैसला MNRE के सचिव करेंगे।
अनुदान की पहली किश्त (Initial Release):
- शुरुआत में कुल अनुदान का 50% तक (संस्थागत ओवरहेड्स हटाकर) रिलीज किया जा सकता है, ताकि ज़रूरी उपकरण खरीदे जा सकें।
- अगर प्रोजेक्ट की लागत का 50% से ज़्यादा हिस्सा उपकरण पर है, तो और अधिक राशि भी शुरू में दी जा सकती है।
बाकी की राशि (Remaining Grant):
- आगे की राशि वार्षिक उपलब्धि और प्रोजेक्ट की प्रगति के आधार पर दी जाएगी।
- पहली किस्त के उपयोग के 6 महीने के अंदर उपकरण खरीद पूरी करनी होगी।
- अगली किस्त तभी जारी होगी, जब पिछली राशि का पूरा उपयोग और दस्तावेज़ दिए जाएँगे।
ओवरहेड चार्ज (Institutional Overheads):
- अधिकतम 8% या ₹15 लाख, जो भी कम हो, ओवरहेड खर्च दिए जाएँगे।
- ये राशि सिर्फ प्रोजेक्ट के पूरा होने पर मिलेगी, जब:
- दो प्रतियों में प्रोजेक्ट समाप्ति रिपोर्ट दी जाएगी |
- Monitoring Committee (MCIP-PMSG) द्वारा समीक्षा की जाएगी।
8. आवेदन जमा चरणबद्ध अनुसार |

- प्रतिभागी या संगठन अपना प्रस्ताव ऑनलाइन https://nise.res.in/ वेबसाइट पर निर्धारित फॉर्मेट में जमा कर सकते हैं।
- कोई भौतिक (physical) फॉर्म स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- startupindia.gov.in लिंक पर जाकर आवेदन कर सकते है |
- MNRE और PMSG की वेबसाइट पर भी लिंक उपलब्ध होगा।
आवेदन में स्पष्ट रूप से निचे दी गई जानकारी लिखी होनी चाहिए :
- उद्देश्य और
- डिलिवरेबल्स (जो परिणाम मिलेंगे) बताए जाने चाहिए।
- साथ ही यह भी बताना होगा कि प्रस्तावित तकनीक या उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कहां खड़ा है (प्रदर्शन, लागत, आदि के आधार पर)।
- प्रमुख शोधकर्ताओं (Project Investigators) का संक्षिप्त बायोडाटा (CV) देना होगा, जिसमें उनकी क्षमता और अनुभव स्पष्ट हो।
- उद्योग भागीदार की भागीदारी और योगदान को विस्तार से समझाना होगा।
- उद्योगों को अपने प्रोडक्शन/टेस्ट लाइन में निवेश करना होगा, ताकि वो अनुसंधान परिणामों को अपनाकर डिज़ाइन और इंजीनियरिंग में मदद कर सकें।
- आवेदन ऑनलाइन फॉर्म https://nise.res.in/innovatiove-PMSG पर जमा करना होगा। साथ ही, संलग्न जानकारी में निचे बताये अनुसार अवश्य शामिल होने चाहिए:
- परियोजना के उद्देश्य
- टेक्नोलॉजी का क्षेत्र
- कार्यान्वयन करने वाली संस्थाओं का विवरण
- कंपनी या प्रोजेक्ट इंचार्ज की प्रोफाइल
- भारत और अन्य देशों में किए गए काम की स्थिति
- परियोजना की विशेषताएं
- अनुसंधान और कार्यान्वयन की प्रक्रिया
- प्रमुख पड़ाव (milestones)
- प्रदर्शन के मानक और स्वीकृति मानदंड
- डिलिवरेबल्स की सूची
- कुल लागत का विवरण (हर हिस्से के लिए लागत और उसका कारण)
9. इनोवेटिव प्रोजेक्ट से संबंधित महत्वपूर्ण नियम |
A. मंजूरी और उपयोग
- जो प्रोजेक्ट पास हुआ है, उसी के लिए अनुदान (grant) दिया गया है। यह राशि सिर्फ उसी काम पर खर्च होनी चाहिए और निर्धारित समय सीमा में ही खर्च करनी होगी।
- इस परियोजना के लिए किसी अन्य संस्था (सरकारी, अर्ध-सरकारी, निजी या स्वायत्त निकाय) से फंड लेना बिना अनुमति के मना है, जब तक संयुक्त फंडिंग की स्वीकृति न मिली हो।
- अगर कोई राशि बच जाती है, तो उसे MNRE (भारत सरकार) को वापस करना होगा।
B. प्रगति रिपोर्ट (Progress Report)
- प्रोजेक्ट के दौरान हर छह महीने में एक प्रगति रिपोर्ट देनी होगी।
- यह रिपोर्ट NISE द्वारा निर्धारित फॉर्मेट में देना अनिवार्य है।
C. निरीक्षण और मार्गदर्शन
- NISE और MNRE के अधिकारी, विशेषज्ञ या कमेटी समय-समय पर संस्था में आकर प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा कर सकते हैं।
- संस्था को इन अधिकारियों को रहने और स्थल भ्रमण जैसी सुविधाएं देनी होंगी।
D. परियोजना पूर्ण होने के बाद रिपोर्ट
- जब प्रोजेक्ट पूरा हो जाए, तो एक अंतिम समेकित रिपोर्ट (Project Completion Report) तैयार की जाएगी।
- इसमें समीक्षकों के सुझावों को भी शामिल करना होगा।
- यह रिपोर्ट फिजिकल और इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में NISE को जमा करनी होगी।
E. रिपोर्ट में क्या-क्या होगा
- तकनीकी विवरण,
- डिजाइन के लिए ड्रॉइंग,
- सिस्टम/उपकरण की जानकारी,
- सामग्री की सूची, आदि अनिवार्य होंगे।
F.अनुदान की अगली किस्त या प्रोजेक्ट बंद करने के समय देना होगा |
a) उपयोग प्रमाण पत्र (U.C.) और वित्तीय विवरण (Statement of Expenditure – S.O.E.), पिछले वित्तीय वर्ष का।
b) सभी खर्चों का ताज़ा स्टेटमेंट, जिसमें अन्य संस्थाओं द्वारा किया गया खर्च भी शामिल हो, और अब तक कितना खर्च हुआ है (1 अप्रैल से लेकर अब तक)।
c) तकनीकी प्रगति रिपोर्ट, अगर पहले नहीं भेजी गई हो।
10. सरकार के नियम न मानने पर प्रोजेक्ट का बंद होना |
परियोजना को बीच में बंद करने का अधिकार
- अगर मंत्रालय को यह लगे कि:
- अनुदान का सही तरीके से उपयोग नहीं हुआ है|
- प्रगति रिपोर्ट ठीक से नहीं आ रही है|
- या परियोजना पर अपेक्षित मेहनत नहीं हो रही है|
तो मंत्रालय कभी भी प्रोजेक्ट बंद कर सकता है।
व्यावसायिक रिपोर्ट प्रकाशित न करें बिना अनुमति |
अगर प्रोजेक्ट का परिणाम ऐसा है जिसका व्यावसायिक उपयोग हो सकता है (जैसे सर्वे रिपोर्ट, प्रोडक्ट टेस्टिंग),
तो उसे मंत्रालय की लिखित अनुमति के बिना प्रकाशित नहीं किया जा सकता।
आम सवाल ?
- आवेदन की अंतिम तिथि क्या है ?
- अंतिम तिथि 20 अगस्त 2025
- आवेदन प्रक्रिया का माध्यम क्या है ?
- आवेदन प्रक्रिया ONLINE माध्यम से आधिकारिक वेबसाइट www.startupindia.gov.in से की जाएगीं | आवेदन में प्रोजेक्ट का विवरण देना होगा |
- किन झेत्रो में इनोवेटिव प्रोजेक्ट स्वीकार किये जायेंगे ?
- सोलर से संबंधित नई और उन्नत तकनीक जो रूफटॉप सोलर के विकास और अपनाने को बढ़ावा दे।
- क्या विजेताओं को फंडिंग या incubation सपोर्ट मिलेगा ?
- हाँ , विजेताओ को फंडिंग और स्टार्ट अप के लिए मार्गदर्शन और समर्थन भी मिलेगा |
- क्या आप अपने इनोवेटिव प्रोजेक्ट को सार्वजनिक कर सकते है ?
- नहीं , आपके idia या प्रोजेक्ट की बिना प्रबंधन की अनुमति के सार्वजनिक सार्वजनिक नहीं कर सकते है |