सोलर पंपिंग सिस्टम क्या है? Solar pumping system पूरा गाइड (2025) |

सोलर पंपिंग सिस्टम क्या होता है, कैसे काम करता है, इसके फायदे, प्रकार, लागत, इंस्टॉलेशन और 2025 में किसानों के लिए क्या और कैसे लाभ मिलेंगे पूरा गाइड |

सोलर पंपिंग सिस्टम सोलर पंपिंग सिस्टम क्या है ?

Solar Water Pump Kya Hai

सोलर पंपिंग सिस्टम एक ऐसा सिस्टम है जो सूरज की रोशनी से बिजली बनाकर पानी को जमीन से पंप करता है।इस प्रकार बिजली या डीज़ल की जरूरत नहीं पड़ती।सिस्टम में लगे सोलर पैनल सूरज की रोशनी को बिजली में बदलते हैं और वही बिजली सोलर पंपिंग सिस्टम को चलाती है। यह खेती, पशुपालन, बागवानी और गांवों में पानी सप्लाई के लिए बहुत उपयोगी तकनीक है।

वर्ष 2025 में भारत में सोलर पंपिंग सिस्टम की मांग तेजी से बढ़ रही है | क्योंकि यह कम खर्च,बेहतर परफॉरमेंस और लगभग 25 साल की लाइफ देता है।

सोलर पंपिंग सिस्टम कैसे काम करता है?सोलर पंपिंग सिस्टम किस तरह काम करता है?

निचे चरणबद्ध अनुसार बताया गया है |

सोलर पैनल कंट्रोलर/इनवर्टर → पंप मोटर सिस्टम → बोरवेल/टैंक तक पानी।

सोलर पंपिंग सिस्टम किस तरह काम करता है

सोलर पंपिंग सिस्टम के 4 मुख्य भाग होते हैं:

  • Solar Panels
  • Solar Pump Controller (VFD)
  • Motor & Pump
  • Storage Tank

VFD यानी बिजली को कंट्रोल करके मोटर चलाता है

सोलर पंप के प्रकारसोलर पंपिंग सिस्टम के कितने प्रकार है ?

सोलर पंप दो प्रकार के होते हैं:

AC vs DC Solar Pump

1. DC Solar Pump

  • छोटे किसान और घरेलू उपयोग के लिए उपयुक्त |
  • DC Solar Pump सीधे सोलर पैनलों द्वारा उत्पन्न बिजली से चलते हैं |
  • सीधे सोलर पैनल से चलता है |

2. AC Solar Pump

  • बड़े किसानों और 3–10 HP तक के पंप उपलब्ध है |
  • AC Solar Pump इनवर्टर के जरिए चलता है |
  • गहरी बोरवेल और बड़े खेतों के लिए उपयुक्त |

सोलर पंपिंग सिस्टम की आखिर जरुरत क्यों?सोलर पंपिंग सिस्टम की आखिर जरुरत क्यों?

सोलर पंपिंग सिस्टम
  • बिजली की समस्या वाले ग्रामीण छेत्र में काफी बेहतर |
  • डीज़ल पंप के बढ़ते खर्चो से बचने के लिए बेहतर विकल्प |
  • खेतो में लगातार पानी की आसानी से उपलब्धता होना |
  • long life 25 साल के लिए investment

2025 में सोलर पंपिंग सिस्टम के लाभ 2025 में सोलर पंपिंग सिस्टम के लाभ |

Solar Pump Benefits

1. बिजली–डीजल का खर्च बिलकुल खत्म

install करने के बाद कोई बिल नहीं आता।

2. Low मेंटेनेंस

सिर्फ पैनलों की सफाई से काम चल जाता है।

3. Long life (25+ Years)

पैनल की लाइफ 25 साल और मोटर 10–12 साल।

4. पर्यावरण हितैषी |

कार्बन उत्सर्जन शून्य।

5. PM-KUSUM Yojana से 60-70% तक सब्सिडी सरकार द्वारा दी जाती है |

किसानों को भारी आर्थिक राहत।

6. किसी भी छेत्र में चल सकता है|

जहां बिजली नहीं है ,वहां भी पानी मिल सकता है, बशर्ते सूरज की पर्याप्त रोशनी मिलती रहे।

सोलर पंपिंग सिस्टम की क्षमता सोलर पंपिंग सिस्टम की क्षमता (HP और LPD)|

Solar Pump for Agriculture क्षमता अनुसार 1 HP से लेकर 10 HP तक

Solar Pump for Agriculture

सोलर पंपिंग सिस्टम कहा इस्तेमाल होता है सोलर पंपिंग सिस्टम कहा इस्तेमाल होता है ?

Solar Water Pump अनेक जगह में इस्तेमाल होता है, अधिकतर कृषि छेत्र में क्योंकी सरकार द्वारा Solar Water Pump लगाने पर सब्सिडी दी जाती है जिससे उसकी कीमत घटाकर लगभग आधी हों जाती है |

  1. कृषि सिंचाई छेत्र
  2. बोरवेल की सुविधा
  3. पशुपालन फार्म में
  4. ड्रिप और स्प्रिंकलर करने के लिए
  5. गांव के हैंडपंप,ट्यूबवेल उपयोग हेतु
  6. बागवानी हेतु

सोलर पंपिंग सिस्टम की लागतसोलर पंपिंग सिस्टम की लागत (2025) |

भारत में Solar Pump Price in India 2025 की कीमत मोटर HP पर निर्भर करती है।

 Solar Pump for Agriculture

नोट: PM-KUSUM Yojana में किसानों को लगभग 60-70% तक कि सब्सिडी मिल सकती है।

PM KUSUM Yojana Solar PumpPM KUSUM Yojana Solar Pump सरकारी सब्सिडी योजना |

PM KUSUM Yojana के अनुसार किसानों को सोलर ऊर्जा से चलने वाले बिजली के उपकरण को लगाने में भारत सरकार द्वारा सब्सिडी तथा अन्य लाभ भी दिए जाते है | यह योजना के अंतर्गत सभी प्रकार के सोलर पंपों को सौर ऊर्जा से संचालित करने, बिजली के खर्चो को, कम से कम करने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने मे महत्वपूर्ण योगदान देती है। अधिक बिजली उत्पादन होने पर ग्रिड को बेचा जा सकता है। जिससे अतरिक्त आय विकल्प बनता है |

निचे बताये लिंक पर क्लिक करके आप विस्तार से जानकारी प्राप्त या आवेदन कर सकते है :-

सोलर पंपिंग सिस्टम किस तरह लगाये सोलर पंपिंग सिस्टम किस तरह लगाये ?

Solar Pump Installation Guide

1. लोकेशन सिलेक्शन करिए |

वह छेत्र जहां दिन में 6–7 घंटे सीधी धूप आती हो।

2. सोलर पैनल स्ट्रक्चर पर ध्यान दे |

डस्ट–प्रूफ और अच्छी क्वालिटी का फ्रेम होना ।

3. कंट्रोलर,इनवर्टर की फिक्सिंग आवश्कता अनुसार |

छांव या शेड के नीचे लगाना चाहिए।

4. मोटर-पंप install करने योग्य बाते |

पाइपिंग और वायरिंग प्रॉपर होनी चाहिए।

5. टेस्टिंग और वॉटर फ्लो चेक करना आवश्यक है |

सिस्टम चालू करके पानी की मात्रा चेक की जाती है।

सोलर पंपिंग सिस्टम के कमियाँसोलर पंपिंग सिस्टम की कमियाँ ?

  • सुरज की रोशनी में ही काम करता है |रात में काम नहीं करता जब तक बैटरी न हों |
  • धूप कम होने पर पानी का आउटपुट कम हों जाता है जिससे समस्या का सामना करना पद सकता है |
  • शुरुआती लागत थोड़ा ज्यादा होती है | लेकिन सरकार द्व्रारा सब्सिडी दी जाती है |

लेकिन इसके लाभ इतने अधिक हैं, कि ये कमियां बड़ी नहीं लगतीं।

सोलर पंपिंग सिस्टम 2025 में ट्रेंड में क्यों हैसोलर पंपिंग सिस्टम 2025 में ट्रेंड में क्यों है?

  • सरकार से बड़े पैमाने पर सब्सिडी दी जाती है |
  • डीज़ल के दाम बढने से विकल्प मिला है |
  • बिजली कट की दिक्कत की समस्या का समाधान |
  • किसानों की बढ़ती जागरूकता नई तकनीको के प्रति |

आम सवालसोलर पंपिंग सिस्टम से संबंधित आम सवाल ?

  1. क्या सोलर पंपिंग सिस्टम बिना बैटरी के काम कर सकता है?
    • हाँ, सोलर पंपिंग सिस्टम बिना बैटरी के भी काम कर सकते हैं |
    • बैटरी स्टोरेज की आवश्कता तभी पड़ती है जब रात में या लंबे समय तक बादल छाए रहने के दौरान पानी की आपूर्ति की ज़रूरत हो|
  2. सोलर पंपिंग सिस्टम और सामान्य पंप में क्या अंतर है?
    • सोलर पंपिंग सिस्टम सूर्य की रोशनी से बिजली पर चलते हैं, जबकि सामान्य पंप ग्रिड बिजली या फिर डीजल का उपयोग करते हैं |
  3. सौर पंप कैसे काम करते हैं?
    • PV पैनलों का उपयोग करके सूर्य के प्रकाश को DC बिजली में परिवर्तित किया जाता है, जो फिर पानी के पंप से जुड़ी एक इलेक्ट्रिक मोटर को ऊर्जा प्रदान करती है |
  4. सरकारी सौर पंप योजना क्या है?
    • पीएम कुसुम योजना केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण कदम है ,जिसका लक्ष्य सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना है।

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