Top 5 solar energy producing states in india ने अब 125 गीगावाट (GW) सोलर ऊर्जा बना ली है | और इसी कारण वह दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सोलर ऊर्जा बनाने वाला देश बन गया है।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि इस उपलब्धि से भारत को 2030 तक 500 GW हरी (ग्रीन) ऊर्जा बनाने का लक्ष्य पूरा करने में मदद मिलेगी। यह दिखाता है कि भारत जलवायु परिवर्तन से लड़ने और पर्यावरण बचाने के लिए गंभीर है
भारत ने सोलर पावर क्षमता 125 GW पर पहुँचाई — दुनिया में तीसरे स्थान पर
भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। देश की सौर ऊर्जा (Solar Power) क्षमता अब 125 गीगावाट (GW) को पार कर गई है। यह उपलब्धि भारत को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक देश बनाती है — चीन और अमेरिका के बाद।
ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि यह भारत के लिए “हरित भविष्य की दिशा में मील का पत्थर” है।
सौर ऊर्जा: भारत का उज्ज्वल भविष्य |
भारत का भूगोल और जलवायु सौर ऊर्जा के लिए बेहद अनुकूल है।
यहाँ सालभर भरपूर धूप मिलती है — औसतन 300 से 320 दिन प्रतिवर्ष धूप वाले होते हैं। यही कारण है कि भारत में सोलर पावर इन इंडिया 2025 एक चर्चित विषय बन चुका है।
सरकार के “नेशनल सोलर मिशन (Jawaharlal Nehru National Solar Mission)” के तहत भारत का लक्ष्य है कि 2030 तक 280 GW सौर क्षमता प्राप्त की जाए। मौजूदा 125 GW के साथ, देश इस लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।
भारत सौर ऊर्जा क्षमता: 10 वर्षों की यात्रा |
भारत ने 2010 में जब सौर मिशन शुरू किया, तब कुल सौर क्षमता मुश्किल से 2 GW थी।
लेकिन पिछले एक दशक में,
- सरकारी योजनाओं,
- निजी निवेश,
- और तकनीकी विकास
जैसे इस क्षेत्र को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।
SOLAR ENERGY IN INDIA
प्रमुख उपलब्धियाँ :

Top 5 solar energy producing states in india 2025 क्षमता अनुसार |
भारत में कुछ राज्य सौर ऊर्जा उत्पादन में सबसे आगे हैं।
इन राज्यों ने विशाल सोलर पार्क बनाए हैं जो दुनिया के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में गिने जाते हैं।

सोलर ऊर्जा प्राप्त करने के लिये बड़े सोलर पार्क बनाये गये है|जिसमे राजस्थान अकेले भारत की कुल सौर क्षमता का लगभग 20% योगदान देता है।
भारत की सौर सफलता के पीछे मुख्य कारण
1️⃣ सरकारी योजनाएँ और नीतियाँ
सरकार ने “सौर ऊर्जा सब्सिडी योजना”, “कुसुम योजना (KUSUM Scheme)”, “रूफटॉप सोलर प्रोग्राम” जैसी नीतियाँ चलाईं।
इन योजनाओं ने किसानों, उद्योगों और आम नागरिकों को सौर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित किया।
2️⃣ सस्ती तकनीक और स्थानीय निर्माण
भारत में अब Made in India Solar Panels बन रहे हैं।
Waaree, Adani Solar, Vikram Solar, Tata Power Solar जैसे निर्माता अब घरेलू स्तर पर बड़े-पैमाने पर उत्पादन कर रहे हैं।
3️⃣ विदेशी निवेश
विश्व बैंक, ADB और जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी जैसी संस्थाओं ने भारत में सौर प्रोजेक्ट्स में अरबों डॉलर का निवेश किया है।
4️⃣ जागरूकता और निजी भागीदारी
अब आम लोग भी अपने घरों की छत पर रूफटॉप सोलर पैनल लगाकर बिजली बना रहे हैं।
यह न केवल बिजली बिल घटा रहा है, बल्कि पर्यावरण को भी स्वच्छ बना रहा है।
सौर ऊर्जा से भारत को क्या लाभ मिल रहे हैं |
🌱 1. पर्यावरणीय लाभ
सौर ऊर्जा पूरी तरह स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त ऊर्जा है।
125 GW क्षमता से हर साल लगभग 150 मिलियन टन CO₂ उत्सर्जन कम हो रहा है।
2. आर्थिक बचत
रूफटॉप सोलर से घरों और उद्योगों के बिजली बिल में 40–60 % तक की बचत होती है।
दीर्घकाल में यह निवेश अपने-आप वसूल हो जाता है।
👷 3. रोजगार के अवसर
सोलर उद्योग में लाखों रोजगार पैदा हुए हैं —
- इंस्टॉलेशन,
- मेंटेनेंस,
- मैन्युफैक्चरिंग,
- और रिसर्च में युवाओं के लिए नए अवसर बने हैं।
4. ऊर्जा आत्मनिर्भरता
सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से भारत ऊर्जा-आत्मनिर्भर (Energy Independent) बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
अब भारत को कोयले और तेल के आयात पर उतना निर्भर नहीं रहना पड़ता।
पूरी दुनिया में भारत का स्थान |
चीन और अमेरिका के बाद, भारत अब तीसरे स्थान पर है।
भारत का यह स्थान बताता है , कि विकासशील देश भी नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बन सकते हैं।
IEA [International Energy Agency ] के अनुसार, 2030 तक भारत दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते सौर बाजारों में रहेगा।
सोलर इंडस्ट्री की नई दिशा |
भारत में सोलर पैनल की मांग अब ग्रामीण इलाकों तक पहुँच गई है।
“सोलर पंप योजना” के तहत किसानों को सौर ऊर्जा से चलने वाले सिंचाई पंप दिए जा रहे हैं।
साथ ही, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) और सोलर-स्टोरेज सिस्टम्स का संयोजन आने वाले वर्षों में नया रुझान बनेगा।
2025–2030 के बीच भारत में ग्रीन एनर्जी मार्केट की वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) 15 % से अधिक रहने का अनुमान है।
आने वाली चुनौतियाँ |
भारत ने शानदार विकाश की है, लेकिन कुछ चुनौतियाँ भी हैं, जो की निन्म है :
- सौर पैनलों का रीसाइक्लिंग और डिस्पोज़ल सिस्टम अभी विकसित नहीं हुआ है।
- ग्रिड-इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की जरूरत है ताकि अतिरिक्त सौर बिजली का भंडारण हो सके।
- वित्तीय बाधाएँ और डिस्कॉम कंपनियों के घाटे भी एक चिंता हैं।
निष्कर्ष: भारत की सोलर ऊर्जा की यात्रा जारी है |
भारत का 125 GW का यह मील का पत्थर सिर्फ एक संख्या नहीं — यह देश की हरित सोच (Green Vision) का प्रतीक है।
यह दिखाता है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं।विकाश
अगर यह गति बनी रही, तो आने वाले कुछ वर्षों में भारत न केवल एशिया बल्कि पूरी दुनिया का सौर-ऊर्जा नेता बन सकता है।
अक्शर पूछे जाने वाले प्रश्न ?
- दुनिया में सबसे बड़ा सौर ऊर्जा (Solar Energy) उत्पादक कौन -सा है?
दुनिया में सबसे बड़ा सौर ऊर्जा (Solar Energy) उत्पादक देश चीन (China) है।
- दुनिया में सौर ऊर्जा (Solar Energy) उत्पादन में दुसरे स्थान पर कौन सा देश है ?
दुनिया में सौर ऊर्जा (Solar Energy) उत्पादन के मामले में दूसरे नंबर पर अमेरिका (United States of America – USA) आता है।
- एशिया का सबसे बड़ा Solar Power Plant कौनसा है ?
भादला सोलर पार्क (Bhadla Solar Park) है। यह भारत के राजस्थान राज्य के जोधपुर जिले में स्थित है।
- भारत ने वर्ष 2030 तक Solar Power का Target कितना तय किया है?
भारत सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट (GW) नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हास