2025 सोलर सब्सिडी योजना: डॉक्यूमेंट इंस्टालेशन से सब्सिडी मिलने तक मात्र 7 चरणों में |

       2025 में सोलर सब्सिडी उन लोगो के लिए है | जिनके पास खुद का घर तथा हाउसिंग सोसाइटी और मल्टी स्टोरी फ्लैट में रहते है | सभी के लिए सोलर सब्सिडी का प्रावधान है | सौर उर्जा यानि सूर्य की उर्जा, एक प्रकार की नवीकरणीय उर्जा स्रोत है | इसका मतलब धरती पर आने वाली सूर्य की रोशनी कई सालो तक ऐसे ही उर्जा देते रहेगी | सूर्य की रोशनी को सोलर पैनल की मदद से विदुत्त उर्जा में बदला जाता है | 2025 में सोलर सब्सिडी का लाभ उठाकर आप न केवल अपने बिजली बिल में भारी कटौती कर सकते हैं | बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे सकते हैं।

नवीनतम सोलर सब्सिडी क्या है ?

 नवीनतम सोलर सब्सिडी भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सहायता है, जो घरों पर सोलर पैनल लगाने की लागत को कम करती है। इसका लक्ष्य  सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना, बिजली बिल को कम करना, और कार्बन उत्सर्जन को घटाकर पर्यावरण को सुरक्षित करना है। 2025 में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत, सरकार 60% तक की सब्सिडी प्रदान करती है | जो सोलर सिस्टम की क्षमता और राज्य के आधार पर अलग-अलग  हो सकती है।

सोलर सब्सिडी की आवश्यकता |

भारत में बढ़ती बिजली की मांग और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच सौर ऊर्जा एक सस्ता, स्वच्छ और टिकाऊ विकल्प बनकर उभरी है। इस सौर उर्जा से बिजली तो बनती है | साथ ही पर्यावरण भी दूषित नहीं होता | सरकार द्वारा सोलर सब्सिडी मिलने से यह और भी आसान हो गया है | केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना  और अन्य सोलर रूफटॉप योजनाओं ने सौर ऊर्जा को हर घर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है | सोलर सब्सिडी का लाभ आप कैसे ले सकते है, चलिए इसे विस्तार से समझते है |

मुख्य बिंदु:-

1. सोलर सब्सिडी के लाभ |

2.सोलर सब्सिडी के लिए किस प्रकार के सोलर system की आवश्यकता होती है|

3. सोलर सब्सिडी किसको मिलेगी |

4. सोलर सब्सिडी में एडिशनल सब्सिडी के राज्य कौन से हैं |

5.किस योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा सोलर सब्सिडी मिलेगी और कब तक लागू रहेगी |

6. 2025 में सोलर सब्सिडी के प्रकार और उनकी कीमत |

7. सोलर सब्सिडी के लिए पात्रता |

8. सोलर सब्सिडी के लिए जरुरी दस्तावेज |

9. सोलर सब्सिडी के लिए आवेदन कैसे करे |

10. सोलर सब्सिडी के साथ अन्य योजनाए |

सोलर सब्सिडी लेने के लिए किस प्रकार के सोलर System की आवश्यकता होती है |

सोलर सिस्टम तीन प्रकार के होते है :-

1. On Grid solar system

2. Off Grid solar system

                      3. Hybrid solar system

  • On grid और Hybrid solar system में Net metering system (यानि अतिरिक्त बिजली को बिजली विभाग को बेच सकते है ) होता है, इस प्रकार के पैनल अधिकांश घरो की छतो पर लगाया जाता है| ताकि प्राप्त बिजली का उपयोग कर अतिरिक्त बिजली को ग्रिड के माध्यम से दिया या भेजा जा सके | इससे बिजली के बिल में कटौती तो होती है, और आय की प्राप्ति भी होती है | इस प्रकार के सोलर system को लगाने पर सब्सिडी मिलती है |
  • Off Grid solar system बिजली ग्रिड से जुडा नहीं होता| यानी बिजली के खंभे से जुड़ा नहीं होता , बल्कि सोलर से बनी बिजली को स्टोर करता है battery के माध्यम से | और जरुरत पड़ने पर उपयोग किया जाता है | इस system का  उपयोग अधिकांश किसानो द्वारा खेतो में पानी देने के लिए सौर पंप में किया जाता है |

सोलर सब्सिडी किसको मिलेगी |

  • सोलर सब्सिडी के लिए domestic connection अनिवार्य है, यानी घर के लिए ही कनेक्शन होना चाहियें | यदि आप दूकान , फैक्ट्री या हॉस्पिटल यानि व्यावसायिक उपयोग के लिए लगवाएंगे तो सोलर सब्सिडी नहीं मिलेगी |
  • Registered vendor से सोलर system लगवाने पर ही सोलर सब्सिडी मिलेगी |

नोट :- Registered vendor याने वो कंपनी जो  ministry of new and renewable energy के अंतर्गत Registered होगी|

सोलर सब्सिडी में एडिशनल सब्सिडी के राज्य कौन से हैं|

सोलर सब्सिडी केंद्र सरकार की योजना है | लेकिन कुछ राज्यों में केंद्र सरकार के साथ साथ राज्य सरकार भी अतिरिक्त सोलर सब्सिडी देती है | उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में केंद्र के साथ राज्य सरकार भी अतिरिक्त सब्सिडी देती है |

सरकार द्वारा पहाड़ी छेत्रो और दुरस्त के इलाको में बिजली पहुचाना काफी चुनौतीपूर्ण होता है | इसलिए भारत सरकार ऐसें राज्यों को एडिशनल सब्सिडी देती है | सोलर सब्सिडी केंद्र सरकार की योजना है | तथा कुछ राज्यों में केंद्र के साथ राज्य सरकार भी अतिरिक्त सब्सिडी देती है योजना का लाभ केंद्र सरकार तो देती है, साथ ही 10% की एडिशनल सब्सिडी भी देती है, वे राज्य निन्म है :-

किस योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा सोलर सब्सिडी मिलेगी और कब तक लागू रहेगी |

केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना के अंतर्गत सोलर सब्सिडी दी जा रही है | यह योजना फरवरी 2024 से लागू है | और अंतिम तिथि मार्च 2027 तक लागू रहेगी |

योजना का लक्ष्य :-

2025 में सोलर सब्सिडी के प्रकार और उनकी कीमत

भारत सरकार की प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के तहत 2025 में सोलर पैनल की स्थापना के लिए निम्नलिखित सब्सिडी उपलब्ध है:

  • 1 किलोवाट सोलर सिस्टम: ₹30,000 तक की सब्सिडी।
  • 2 किलोवाट सोलर सिस्टम: ₹60,000 तक की सब्सिडी।
  • 3 किलोवाट सोलर सिस्टम : ₹78,000 तक की सब्सिडी।
  • 3 किलोवाट सोलर सिस्टम से अधिक : ₹78,000 तक की ही सब्सिडी।
  • विशिष्ट राज्य सब्सिडी: केंद्र सरकार की सब्सिडी के अतिरिक्त, कुछ राज्यों तथा नार्थईस्ट के राज्य में 10% तक की अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान की जाती है।
सोलर सब्सिडी

नोट: सब्सिडी की राशि सोलर सिस्टम की क्षमता, स्थानीय डिस्कॉम (DISCOM), और बेंचमार्क प्राइस के आधार पर बदल सकती है।


सोलर सब्सिडी के लिए पात्रता

सोलर रूफटॉप सब्सिडी योजना का लाभ उठाने के लिए निचे दी गई पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी:

  1. नागरिकता: आवेदक को भारत का नागरिक होना चाहिए।
  2. आयु: आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
  3. घर का मालिकाना हक़ : सोलर पैनल केवल स्वामित्व वाली छतों पर लगाए जा सकते हैं। पहले से कोई सोलर सिस्टम नहीं होना चाहिए।
  4. बिजली कनेक्शन : घर में वैध बिजली कनेक्शन होना चाहिए।
  5. अन्य सब्सिडी : परिवार को सौर पैनलों के लिए किसी अन्य सब्सिडी का लाभ नहीं उठाना चाहिए।
  6. हाउसिंग सोसाइटी : हाउसिंग सोसाइटी में रहने वाले हर परिवार सोलर लगा सकते है ,ऐसे में अलग -अलग परिवारो को सब्सिडी मिलने का प्रावधान है |
  7. मल्टी स्टोरी फ्लैट : बहु मंजिला इमारतो में रहने वालो के लिए भी सोलर सब्सिडी मिलने का प्रावधान है, बशर्ते यह सब्सिडी उन्हें कॉमन सुविधाओं के लिए दी जाती हैं |जैसे कॉमन लाइटिंग ,लिफ्ट , EV Charger और हर किलोवाट के लिए
    ₹18,000 तक की सोलर सब्सिडी मिलेगी |
  8. उपयुक्त स्थान: सोलर पैनल लगाने के लिए छत पर पर्याप्त स्थान होना चाहिए।

सोलर सब्सिडी के लिए जरुरी दस्तावेज

सोलर सब्सिडी के लिए आवेदन करते समय निचे दी गई दस्तावेज तैयार रखें:

  • पहचान पत्र: आधार कार्ड, पैन कार्ड, या वोटर आईडी।
  • पता प्रमाण: राशन कार्ड, बिजली बिल, या निवास प्रमाण पत्र।
  • बैंक विवरण: बैंक पासबुक या कैंसिल चेक।
  • कमीशनिंग सर्टिफिकेट : DISCOM कंपनी द्वारा दिया जाता है |
  • छत की तस्वीर: जहां सोलर पैनल लगवाना चाहते हैं।
  • बिजली बिल: हाल का बिजली बिल जिसमें उपभोक्ता खाता नंबर हो।
  • Vendor Agreement : जिसमे कीमत और सिस्टम का विवरण हों |
  • पासपोर्ट साइज फोटो: आवेदक की फोटो।
  • मोबाइल नंबर: OTP सत्यापन के लिए।

नोट: सभी दस्तावेज सही होने चाहिए ताकि आवेदन और सोलर सब्सिडी मिलने की प्रक्रिया में कोई देरी न हो।


2025 में सोलर सब्सिडी के लिए आवेदन कैसे करे

सोलर रूफटॉप सब्सिडी के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है और इसे राष्ट्रीय सोलर पोर्टल (https://pmsuryaghar.gov.in) या संबंधित राज्य डिस्कॉम पोर्टल के माध्यम से पूरा किया जा सकता है। नीचे चरणबद्ध प्रक्रिया दी गई है:

ऑनलाइन

चरण 1: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं

चरण 2: पंजीकरण करें

  • होमपेज पर “Apply for Rooftop Solar” विकल्प पर क्लिक करें।
  • अपना राज्य, जिला, बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) पर क्लिक करे |
  • मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी के साथ पंजीकरण करें। OTP के माध्यम से सत्यापन पूरा करें।

चरण 3: लॉगिन करें और आवेदन फॉर्म भरें

  • पंजीकरण के बाद, पोर्टल पर लॉगिन करें।
  • आवेदन फॉर्म में मांगी गई जानकारी जैसे नाम, पता, और सोलर सिस्टम की क्षमता दर्ज करें।
  • सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।

चरण 4: सत्यापन और अनुमोदन

  • आवेदन जमा करने के बाद, डिस्कॉम द्वारा सत्यापन प्रक्रिया शुरू होगी।
  • सत्यापन में छत की उपयुक्तता और दस्तावेजों की जांच शामिल है।
  • यदि आवेदन स्वीकृत हो जाता है, तो आपको संभाव्यता रिपोर्ट मिलेगी |

चरण 5: सोलर पैनल की स्थापना

  • Approval के बाद, सरकार द्वारा पंजीकृत विक्रेता सौर पैनल लगाएँगे |
  • सौर पैनल लगने में आमतौर पर 1 से 2 हफ़्ते का समय लगता है।

चरण 6: नेट मीटरिंग और कमीशनिंग

  • सोलर सिस्टम लगने के बाद, नेट मीटर के लिए आवेदन करें।
  • डिस्कॉम द्वारा नेट मीटर स्थापित किया जाएगा, जो अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजने में मदद करता है।
  • कमीशनिंग सर्टिफिकेट जनरेट होने के बाद, बैंक विवरण दर्ज करें। ( कमीशनिंग सर्टिफिकेट : यह वो सर्टिफिकेट है ,जो प्रमाणित करता है की आपका सोलर system लग चूका है |और ग्रिड से जुडा हुआ है इसे DISCOM यानी distribution कंपनी द्वारा दिया जाता हैं| )

चरण 7: सब्सिडी प्राप्त करें

  • जिसके नाम पर बिजली का बिल आता है ,उसे ही सब्सिडी दी जायेगी |
  • सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के 2 महीनो के कार्य दिवसों के भीतर सब्सिडी आपके बैंक खाते में जमा हों जाएगी।

नोट: कुछ राज्यों में आवेदन प्रक्रिया शुरू होने में देरी हो सकती है। ऐसी स्थिति में, आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट्स की जांच करें।


सोलर सब्सिडी के साथ अन्य योजनाएं

1. PM KUSUM YOJANA (प्रधान मंत्री किसान उर्जा सुरक्षा एवंम उथान महाअभियान )

  • किसानो के लिए देश में सबसे बड़ी सोलर योजना

2. ROOFTOP SOLAR PROGRAM PHASE 2 (MNRE)

  • केवल On grid system के लिए ही उपलब्ध |
  • स्टेट डिस्कॉम के माध्यम से लागू होता है |

3. पीएम सूर्योदय योजना

  • यह योजना 1 करोड़ घरों में सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखती है।
  • प्रति माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान करने का प्रावधान। (यानी आपकी छत पर लगी सोलर पैनल से मिली बिजली से ही मुफ्त बिजली मिलेगी |)

4. सोलर आटा चक्की योजना

  • ग्रामीण महिलाओं के लिए मुफ्त या 90% तक सब्सिडी तक की सोलर आटा चक्की प्रदान की जाती है।
  • यह योजना सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देती है और आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करती है।

सोलर सब्सिडी के फायदे और कठिनाइयाँ

फायदे :

  • आय का स्रोत: नेट मीटरिंग सिस्टम एक ऐसी व्यवस्था है जिससे अतिरिक्त बिजली को बेचकरआय अर्जित की जा सकती है।
  • लंबे समय तक बचत: सोलर सिस्टम की आयु 25 वर्ष तक होती है, जिससे एक बार install करने पर लंबे समय तक बिजली बिल में बचत होती है।
  • पर्यावरणीय प्रभाव: सौर ऊर्जा से कार्बन उत्सर्जन कम होता है। जिससे पर्यावरण प्रभाव को कम किया जा सकता है |
  • कम रखरखाव : रखरखाव कम होने के कारण पैसो की बचत होती है |

कठिनाइयाँ :

  • शुरुवाती लागत: सब्सिडी के बावजूद, प्रारंभिक निवेश कुछ परिवारों के लिए महंगा हो सकता है।
  • प्रक्रिया में देरी: कुछ राज्यों में आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया में समय लग सकता है।
  • ज्ञान की कमी: कई लोगों को सोलर सिस्टम की स्थापना और रखरखाव की जानकारी नहीं होती।
  • मौसमी प्रभाव : कम धुप वाले छेत्रो में सौर प्रणाली की छमता कम हों सकती है |
  • ग्रिड पर निर्भर : नेट मीटरिंग सुविधा न होने पर बिजली बेचना और बचत करना मुस्किल हों जायेगा |

सोलर सब्सिडी से संबंधित आम सवाल

  1. सोलर सब्सिडी के लिए कौन पात्र है?
    • भारतीय नागरिक, जिनके पास स्वामित्व वाली छत हो |
  2. क्या सब्सिडी लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है ?
  3. क्या कमर्सिअल बिल वाले घर को सब्सिडी मिल सकती है ?
    • नहीं , केवल घरेलु connection को ही सब्सिडी देने का प्रावधान है |
  4. क्या किरायेदार को सब्सिडी मिल सकती हैं ?
    • नहीं ,केवल मकान मालिक को सब्सिडी दी जायेगी| जिसके नाम पर बिजली का बिल आता है |
  5. क्या मैं अपने राज्य में अतिरिक्त सब्सिडी प्राप्त कर सकता हूँ?
    • हां, कई राज्य जैसे नार्थईस्ट के राज्यों में अतिरिक्त सब्सिडी का प्रावधान हैं।
  6. सोलर पैनल की लागत कितनी है?
    • 1 किलोवाट सिस्टम की लागत ₹50,000 से ₹80,000 तक हो सकती है, जिसमें से सब्सिडी कटने के बाद लागत कम हो जाती है।
  7. क्या मैं सोलर पैनल से बिजली बेचकर आय कमा सकता हूँ?
    • हां, नेट मीटरिंग के माध्यम से अतिरिक्त बिजली ग्रिड में बेची जा सकती है।
  8. कब तक सब्सिडी के पैसे मिलते है और कैसे मिलते है |
    • डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सोलर सिस्टम लगाने के 2 महीनों के भीतर सब्सिडी बैंक खाते में भेज दी जायेगी |

निष्कर्ष

2025 में भारत में सोलर पैनल लगवाकर आप बिजली के बिल में कटौती तो कर ही सकते है | साथ ही पैसे भी कमा सकते है |जिससे आप बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बन सकते है | यह काम और भी आसान हों जाता है ,जब सरकार सोलर पैनल लागने के लिए 60% तक सब्सिडी देती है | इस काम को करके आप पर्यावरण के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देते है| प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना और अन्य सोलर रूफटॉप योजनाओं का लाभ आप उपर बताये 7 चरणों के अनुसार ले सकते है | इसके लिए आपको उपर बताई गई आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करना होगा |सही जानकारी ,सही दस्तावेज का उपयोग कर आप अपनी घर की छत को बिजली बनाने वाले केंद्र में बदल सकते है |

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