सोलर ऊर्जा को मिलेगी गति महाराष्ट्र सरकार ने 26,000 करोड़ रुपये के इस समझौते पर किया हस्ताक्षर | जानिये किसको होगा फायदा |

सोलर ऊर्जा को बढावा देने के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा 26,000 करोड़ रुपये के छह बड़े समझौता MoUs पर हस्ताक्षर हुए मुख्यमंत्री ने कहा राज्य का लक्ष्य सोलर ऊर्जा तथा डाटा सेंट्रल के कैपिटल बनाना है| सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाये है , वही इन समझौतों से राज्य में नौकरी के अवसर तो मिलेंगे ही साथ ही सोलर ऊर्जा को बढावा भी मिलेगा |

महाराष्ट्र सरकार ने इन समझौते में नवीकरणीय ऊर्जा, डाटा सेंटर, स्टील और आधुनिक औद्योगिक उपकरणों के क्षेत्र में कुल 26000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश होगा। इनसे 17,000 से अधिक रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद है और इससे महाराष्ट्र भारत के औद्योगिक और डिजिटल क्षेत्र में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।

सोलर ऊर्जा के लिए कितने रुपए और किस कंपनी के साथ समझौता हुआ ?

सोलर ऊर्जा को बढावा देने के लिए सबसे बड़ा निवेश 10,900 करोड़ रुपये का है | जिसका समझौता या aggrement जुपिटर इंटरनेशनल के साथ हुआ। इसके तहत नागपुर जिले के बुटीबोरी में सोलर वेफर (सोलर पैनल का “कच्चा माल”, जिससे बिजली बनाने वाले सेल तैयार किए जाते हैं।),सोलर टाइल्स , सेल और मॉड्यूल बनाने की फैक्ट्री लगाई जाएगी। जिससे सोलर का उत्पादन अधिक होने के कारण सोलर की कीमतों में कमी आएगी | इस प्रोजेक्ट से करीब 8,300 से ज्यादा रोजगार मिलेंगे और यह महाराष्ट्र को ग्रीन और टिकाऊ ऊर्जा की ओर जाने के महत्वपूर्ण कदम होंगे |

सोलर ऊर्जा

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में कितने MoU हुए ?

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में तीन MoU हुए:

  • वेबमिंट डिजिटल (4,846 करोड़ रुपये, लगभग 2,050 नौकरियां) → यह एडिशनल तळोजा इंडस्ट्रियल एरिया में बड़ा डेटा सेंटर स्थापित करेगा।
  • रोविजन टेक हब (2,564 करोड़ रुपये, लगभग 1,100 नौकरियां) → ये दोनों TTC इंडस्ट्रियल एरिया में डेटा सेंटर कैंपस बनाएंगे।
  • रोचक सिस्टम्स (2,508 करोड़ रुपये, लगभग 1,000 नौकरियां)

औद्योगिक छेत्र में कितने रुपए और कहा के लिए समझौता हुआ ?

औद्योगिक क्षमता को महाराष्ट्र राज्य में बढ़ाने के लिए “Vow Iron and Steel” कंपनी ने लगभग 4,300 करोड़ रुपये के निवेश से चंद्रपुर (मूल/गोंडपिपरी) में एकीकृत स्टील प्लांट बनाने का समझौता किया है, जिससे 1,500 नौकरियां पैदा होंगी।
वहीं, Atlas Copco (India) कंपनी ने लगभग 575 करोड़ रुपये लगाकर पुणे (पीसीएमसी, दपोडी) में अपना भारत मुख्यालय बनाएगा, जिससे 3,400 रोजगार मिलेंगे। जिससे देश के विकाश को तेजी मिलेगी |

समझौते से कितने को रोजगार मिलेगा ?

इन समझौतों से 17,000 से ज्यादा रोजगार बनने की उम्मीद है और यह महाराष्ट्र को नवीकरणीय ऊर्जा, तकनीक और आधुनिक विनिर्माण में अग्रणी राज्य बनाने में मदद करेंगे।

निष्कर्ष :

सरकार द्वारा इस MoUs समझौते ने एक बार फिर यह साबित कर दिखया है की वह देश का आर्थिक और औद्योगिक का केंद्र है, जो बडी मात्रा में सोलर ऊर्जा और घरेलू निवेश को आकर्षित करेगा | खासकर भविष्य की तैयारी वाले क्षेत्रों में। जिससे देश का विकाश तेज गति से हों |

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